Thursday, February 2, 2023
Home Daily Diary News विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के मौके पर बोले डॉ नागेश वार्ष्णेय, सिर...

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के मौके पर बोले डॉ नागेश वार्ष्णेय, सिर दर्द को हलके में लेने की भूल न करें

विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस के मौके पर डॉ नागेश वार्ष्णेय न्यूरोसर्जन आशा ब्रेन & स्पाइन सेंटर ने एक अहम जानकारी दी उन्होंने पिछले दिनों हुए एक मामले का जिक्र करते हुए लोगो को जागरूक करने का प्रयास किया। उन्होंने बताया कि कुछ दिनों पहले एक 40 वर्षीय महिला क्लिनिक पर आई, जिनको पिछले 3 से 4 महीने से सिर दर्द की शिकायत थी और परिजन वजाय किसी उचित न्यूरो चिकित्सक के दिखाने के जगह मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा लाकर खिलाते रहे। जब समस्या ज्यादा बढ़ गयी, तब लेकर आये तो जांच कराई गई। सीटी स्कैन करने पर पता चला कि ब्रेन ट्यूमर की बीमारी बनी हुई थी। सारी बात समझा कर आपरेशन किया गया। ट्यूमर मेनिंनजीओमा था, अब मरीज एकदम बढ़िया है। तो इस तरह सिर दर्द को हल्के में लेना भारी पड़ सकता है।

आशा ब्रेन एंड स्पाइन सेंटर रामघाट रोड के वरिष्ठ न्यूरो सर्जन डॉ नागेश वार्ष्णेप ने यह जानकारी देते हुए बताया कि प्रति वर्ष लगभग प्रति लाख में से 9 से 14 लोगो को ब्रेन ट्यूमर की बीमारी हो सकती है। द लैंसेट जर्नल के 1990 से 2016 के अध्ययन में पाया गया कि पूरे विश्व में सबसे ज्यादा ऐसे केस चीन, अमेरिका और भारत में क्रमश पाए गए। प्रति वर्ष इस बीमारी का आंकड़ा बढ़ता जा रहा है,इसका एक कारण अच्छी डायग्नोस्टिक विधियां हैं।

डॉ नागेश वार्ष्णेप ने बताया कि मस्तिष्क की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित तरह से बढ़ने लगती हैं, इसी को ब्रेन ट्यूमर कहते है। यह सामान्यत 2 तरह के होते हैं। 1. बिनाइन
– धीमी रफ्तार से बढ़ने वाले 2. मैलिग्नेंट – बहुत तेजी से बढ़ने वाले। इसके लक्षण सिर दर्द, दौरे पड़ना, उल्टियां, निगाह में कमजोरी, बोलने में दिक्कत, याददाश्त में कमी,
सुनने में कमी, मानसिक लक्षण, शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आना इत्यादि हैं। उन्होंने बताया कि ब्रेन ट्यूमर के कारण बहुत स्पेसिफिक नहीं हैं, कुछ केसों में पुरानी
रेडिएशन का इतिहास या आनुवांशिक पाए गए हैं।
डॉ नागेश वार्ष्णेय ने जानकारी देते हुए बताया कि इसकी जाँच सीटी स्कैन, एमआरआई आदि होती है और इसका उपचार सामान्य सर्जरी, कंप्यूटर आधारित स्टेरोटेक्टिक सर्जरी, एंडोस्कोपिक सर्जरी, किमोथेरेपी, रेडियो सर्जरी, गामा नाइफ सर्जरी, जीन थिरेपी, इम्मयून थिरेपी,ओऑंकोलीटिक वायरस थिरेपी हैं। लेकिन इलाज का तरीका इस बात पर निर्भर करता है कि बीमारी मस्तिष्क के किस हिस्से में है और कितनी बड़ी है।

मस्तिष्क की कुछ कोशिकाएं अनियंत्रित तरह से बढ़ने लगती हैं, इसी को ब्रेन ट्यूमर कहते है ,यह सामान्यत 2 तरह के होते हैं
1. बिनाइन – धीमी रफ्तार से बढ़ने वाले
2. मैलिग्नेंट – बहुत तेजी से बढ़ने वाले

लक्षण –
सिर दर्द, दौरे पड़ना, उल्टियां,निगाह में कमजोरी,बोलने में दिक्कत,याददाश्त में कमी,सुनने में कमी,मानसिक लक्षण,शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी आना इत्यादि।
कारण
ब्रेन ट्यूमर के कारण बहुत स्पेसिफिक नही हैं,कुछ केसों में पुरानी रेडिएशन का इतिहास, आनुवांशिक पाए गए हैं।

जाँच पद्ति
सी टी स्कैन, एम आर आई, इत्यादि

उपचार
सामान्य सर्जरी,कंप्यूटर आधारित स्टेरोटेक्टिक सर्जरी,एंडोस्कोपिक सर्जरी, केमो थेरेपी, रेडियो सर्जरी, गामा नाइफ सर्जरी, जीन थिरेपी, इम्मयून थिरेपी,ओंकोलीटिक वायरस थिरेपी इलाज का तरीका इस बात पर निर्भर करता है,की बीमारी मस्तिष्क के किस हिस्से में है,और कितनी बड़ी है।

नई विधि
Visualse – एम आर आई गाइडेड लेज़र Ablation
इस तकनीक का उपयोग अभी कुछ देशों में ही हो रहा है,पिछले साल ही इस तकनीक का प्रशिक्षण डॉ नागेश वार्ष्णेय एथेंस,ग्रीस से लेकर आये हैं, इस साल भी अन्य प्रशिक्षण के लिया जेनेवा, स्विट्जरलैंड जाना था, किन्तु कोरोना महामारी के कारण स्थगित हो गया।
इस तकनीक में सिर की हड्डी में बीमारी के अनुसार जगह निश्चित करके 4 मिमी का छेद करके 2 मिमी का लेज़र वायर डाल दिया जाता है, और  एम आर आई में देखते हुए कुछ तरंगों से ट्यूमर को जला दिया जाता है,इसमें मरीज को पूरा बेहोश करने की जरूरत नहीं पड़ती।

मस्तिष्क को स्वस्थ रखने के उपाय
1. नींद पूरी लें
2.नियमित व्यायाम करें
3.व्यसनों से दूर रहें
4.तनाव न रखें
5.पौष्टिक और संतुलित आहार लें।
6. जंक फूड से दूर रहें।
7.पानी का उचित मात्रा में सेवन करें
8.जरूरत पड़ने पर उचित चिकित्सक से सलाह लें।

RELATED ARTICLES

आजादी की‌ अमृत गाथा के 119वें संस्करण में जुटे लोगों ने महापुरुषों की स्मृति को नमन् कर सकारात्मक जीवन का लिया संकल्प

नई दिल्ली। भारत सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव की कड़ी में 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर राम जानकी संस्थान, आरजेएस और आरजेएस पॉजिटिव...

गणतंत्र दिवस महोत्सव में दर्जन भर आरजेएसियन्स ने आगामी आजादी की अमृत गाथा आयोजित करने की घोषणा की।

नई दिल्ली। भारत सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव की कड़ी में 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर राम जानकी संस्थान, आरजेएस और आरजेएस पॉजिटिव...

गणतंत्र दिवस पर आरजेएसिएन्स सह-आयोजकों‌ की आजादी की‌ अमृत गाथा का फरवरी 2023 एडिशन्स लांच

नई दिल्ली।‌अगले वित्त वर्ष 2023 के लिए आम बजट या कहें‌ केंद्रीय बजट 2023 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश करेंगी. राम जानकी...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

आजादी की‌ अमृत गाथा के 119वें संस्करण में जुटे लोगों ने महापुरुषों की स्मृति को नमन् कर सकारात्मक जीवन का लिया संकल्प

नई दिल्ली। भारत सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव की कड़ी में 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर राम जानकी संस्थान, आरजेएस और आरजेएस पॉजिटिव...

गणतंत्र दिवस महोत्सव में दर्जन भर आरजेएसियन्स ने आगामी आजादी की अमृत गाथा आयोजित करने की घोषणा की।

नई दिल्ली। भारत सरकार के आजादी का अमृत महोत्सव की कड़ी में 74वें गणतंत्र दिवस के अवसर राम जानकी संस्थान, आरजेएस और आरजेएस पॉजिटिव...

गणतंत्र दिवस पर आरजेएसिएन्स सह-आयोजकों‌ की आजादी की‌ अमृत गाथा का फरवरी 2023 एडिशन्स लांच

नई दिल्ली।‌अगले वित्त वर्ष 2023 के लिए आम बजट या कहें‌ केंद्रीय बजट 2023 वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश करेंगी. राम जानकी...

युवामंथन संस्थानो में G20 आयोजनो के लिए कैंपस शेरपा बनाने की तलाश कर रहा है|

इस समय पूरे विश्व में भारत का एक अलग ही डंका गूँज रहा है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत दिन प्रतिदिन नई...

Recent Comments