नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन देशभर में सेवा और समर्पण के रूप में मनाया जा रहा है। 17 सितंबर को हर साल उनके समर्थक “सेवा पखवाड़ा” के रूप में कार्यक्रम आयोजित करते हैं। इस दिन को केवल उत्सव के तौर पर नहीं बल्कि समाज के कमजोर वर्गों की मदद और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों से जोड़कर देखा जाता है।
नरेंद्र मोदी ने अपने राजनीतिक जीवन में साधारण परिवार से उठकर देश के सर्वोच्च पद तक पहुंचने का सफर तय किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए उन्होंने विकास का जो मॉडल प्रस्तुत किया, उसने उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर एक लोकप्रिय नेता बनाया। 2014 में देश की बागडोर संभालने के बाद उन्होंने स्वच्छ भारत अभियान, जन धन योजना, उज्ज्वला योजना, स्टार्टअप इंडिया और डिजिटल इंडिया जैसी योजनाओं के जरिए समाज के हर वर्ग तक विकास पहुंचाने का प्रयास किया।
मोदी सरकार की विदेश नीति ने भी भारत की पहचान को नई ऊंचाई दी है। दुनिया के मंच पर आज भारत की आवाज और अधिक प्रभावशाली हुई है। प्रधानमंत्री मोदी ने वोकल फॉर लोकल और आत्मनिर्भर भारत जैसे अभियानों के माध्यम से युवाओं को आत्मविश्वास और रोजगार की दिशा में प्रेरित किया।
उनका जन्मदिन कई राज्यों में रक्तदान शिविर, स्वास्थ्य जांच अभियान, वृक्षारोपण और गरीबों को भोजन वितरण जैसे कार्यक्रमों से जोड़ा जाता है। इससे उनका संदेश स्पष्ट होता है कि जन्मदिन केवल व्यक्तिगत खुशी का अवसर नहीं बल्कि समाज के लिए कुछ सकारात्मक करने का समय होना चाहिए।
आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 75 वर्ष के हो रहे हैं, पूरा देश उन्हें लंबे और स्वस्थ जीवन की शुभकामनाएं दे रहा है। उनका व्यक्तित्व सेवा, समर्पण और सशक्त भारत के संकल्प का प्रतीक बन चुका है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जन्मदिन : सेवा, समर्पण और सशक्त भारत का संकल्प -डॉ मनोज कुमार शुक्ला
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