उत्तर प्रदेश की “शो विंडो” कहे जाने वाले नोएडा शहर में स्पार्क मिंडा फाउंडेशन द्वारा आयोजित 8 दिवसीय दिव्यांग सशक्तीकरण मेगा कैंप का भव्य समापन हुआ। इस विशेष शिविर में देशभर से आए 6000 से अधिक दिव्यांगजनों को कृत्रिम अंग प्रदान कर उन्हें नई जिंदगी जीने का सहारा दिया गया।
सेक्टर-59 स्थित स्पार्क मिंडा कंपनी परिसर में आयोजित इस शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाना और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना रहा। फाउंडेशन द्वारा वर्ष 2015 से लगातार ऐसे शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिसके माध्यम से अब तक 38,000 से अधिक दिव्यांगजनों को सशक्त बनाया जा चुका है।
स्पार्क मिंडा फाउंडेशन की पहल सिर्फ भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संस्था अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ऐसे शिविरों का आयोजन कर रही है। दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए किए जा रहे इन प्रयासों को व्यापक सराहना मिली है।
इसी कड़ी में वर्ष 2024 में स्पार्क मिंडा को राष्ट्रपति द्वारा “Best Employer for Persons with Disabilities” अवॉर्ड से सम्मानित भी किया जा चुका है, जो संस्था की प्रतिबद्धता और सामाजिक योगदान को दर्शाता है।
शिविर के समापन अवसर पर स्पार्क मिंडा ग्रुप के चेयरमैन अशोक मिंडा और चेयरपर्सन सारिका मिंडा भी मौजूद रहीं। इस अवसर पर सारिका मिंडा ने बताया कि वर्ष 2030 तक 50,000 से अधिक दिव्यांगजनों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
यह शिविर न केवल दिव्यांगजनों के लिए नई उम्मीद लेकर आया, बल्कि समाज में समावेशिता और सशक्तीकरण का एक मजबूत संदेश भी देता है।

