अहिंसा विश्व भारती एवं विश्व शांति केंद्र के संस्थापक जैन आचार्य लोकेश जी, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज, राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के क्षेत्र संपर्क प्रमुख श्री प्रवीण जी गुप्त, ने भगवान महावीर एवं बजरंगबली हनुमान जी के जन्मोत्सव के अवसर पर इंदौर मे आयोजित ‘समर्पण के प्रतीक महावीर’ सम्मेलन में आध्यात्मिक उद्बोधन दिया |
पूज्य स्वामी गोविंद देव गिरी जी महाराज ने कहा कि शाश्वत सनातन संस्कृति और जैन धर्म समावेशी है | भारतीय संस्कृति में राम भक्त हनुमान अपार शक्ति, संयम, ब्रह्मचर्य और अहिंसा के प्रतीक हैं | अपनी इंद्रियों को नियंत्रित रखकर उन्होंने समाज को सही राह दिखाई, अहंकार को त्यागने और सेवाभाव की प्रेरणा दी |
विश्व शांति दूत जैन आचार्य लोकेशजी ने कहा कि भगवान राम व भगवान महावीर त्याग, सत्य धर्म के प्रेरक है | ‘वसुधैव कुटुंबकम’ (पूरी पृथ्वी एक परिवार है) के सार्वभौमिक सिद्धांतों, योग, आध्यात्मिकता, पर्यावरण संतुलन और कर्म-सत्य के शाश्वत नियमों पर टिकी है, जो मानवता को ज्ञान और शांति का संदेश देती है | अहिंसा विश्व भारती द्वारा गुरुग्राम में स्थापित विश्व शांति केंद्र इन्ही सिद्धांतों के माध्यम से जन कल्याण, समाज सेवा और विश्व शांति के मिशन के लिए समर्पित है |
इस अवसर पर अयोध्या में श्री राम दरबार के मूर्तिकार श्री प्रशांत पाण्डेय, और श्री रामलला विग्रह के नियमित पोशाक निर्माता श्री मनीष त्रिपाठी को ‘महावीर सम्मान’ से सम्मानित किया गया |
दुबई से समागत श्री धीरज जैन जिन्होंने युद्ध के दौरान दुबई में फंसे सैकड़ों भारतीयों को अपने फार्म हाउस में लंबे समय तक रहने का इंतेजाम किया था उनका भी सम्मान किया गया |
कार्यक्रम के आयोजक सार्थक संस्था के प्रमुख श्री दीपक जैन (टीनू ) ने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए स्वागत भाषण दिया |

