विश्व शांति केंद्र एवं अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक जैन आचार्य लोकेशजी के मार्गदर्शन में वैश्विक स्तर पर संचालित “WE SUPPORT PEACE” अभियान हिमालय की पवित्र वादियों और विश्व प्रसिद्ध आध्यात्मिक क्षेत्र Ladakh तक पहुँचा। इस विशेष अवसर पर विभिन्न धर्मों एवं आध्यात्मिक परंपराओं के प्रमुख प्रतिनिधियों ने एक मंच पर उपस्थित होकर विश्व शांति, सद्भावना, करुणा और मानव एकता का संदेश दिया। कार्यक्रम ने भारत की “विविधता में एकता” और “वसुधैव कुटुंबकम” की गौरवशाली परंपरा को सशक्त रूप से अभिव्यक्त किया।
जैन आचार्य लोकेशजी ने कहा कि वर्तमान समय में शांति मानवता की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुकी है। आज पूरा विश्व युद्ध, हिंसा, आतंकवाद, कट्टरता, सामाजिक असंतुलन और मानसिक तनाव जैसी अनेक चुनौतियों का सामना कर रहा है। ऐसी परिस्थिति में शांति केवल एक आदर्श नहीं बल्कि मानव सभ्यता के अस्तित्व, विकास और स्थिरता के लिए अनिवार्य आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि वास्तविक शांति केवल युद्ध या संघर्ष की अनुपस्थिति नहीं होती, बल्कि यह प्रेम, करुणा, सहिष्णुता, परस्पर सम्मान और आंतरिक संतुष्टि की सकारात्मक अनुभूति है।
इस अवसर पर भिक्खु संघसेना, संस्थापक महाबोधि इंटरनेशनल मेडिटेशन सेंटर; गोस्वामी सुशील जी महाराज, संस्थापक भृगु फाउंडेशन; इमाम उमेर अहमद इलियासी, चेयरमैन अखिल भारतीय इमाम संगठन; परमजीत सिंह चंडोक, सलाहकार दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी; ङॉ ए के मर्चेंट ङायरेक्टर बहाय टेम्पल एवं डॉ बिन्नी सरीन, प्रतिनिधि ब्रह्माकुमारी विशेष रूप से उपस्थित रहे। सभी धर्मगुरुओं ने एक स्वर में विश्व शांति, धार्मिक सद्भावना, सह-अस्तित्व और मानव मूल्यों को मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।

