NEET-UG परीक्षा विवाद को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि जिन शिक्षकों को परीक्षा को सुरक्षित और निष्पक्ष तरीके से आयोजित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी, उन्हीं में से कुछ लोगों ने भरोसा तोड़ा और परीक्षा की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाया।
धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA ने शिक्षकों को बेहद संवेदनशील जिम्मेदारियां दी थीं, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही और विश्वासघात के कारण 3 मई को हुई परीक्षा को रद्द करना पड़ा।
उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम पर दुख जताते हुए कहा कि ऐसे लोगों की वजह से लाखों छात्रों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
शिक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि रविवार को दोबारा आयोजित की गई NEET-UG परीक्षा बिना किसी गड़बड़ी के सफलतापूर्वक संपन्न हुई है, जो यह साबित करता है कि व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
वहीं विपक्ष के आरोपों पर पलटवार करते हुए धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जब देश के 22 लाख से अधिक छात्र दोबारा परीक्षा की तैयारी में जुटे हुए थे, तब राहुल गांधी इस मुद्दे पर सस्ती राजनीति करने में लगे थे।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस बयान के बाद NEET-UG विवाद एक बार फिर राजनीतिक बहस का केंद्र बन गया है। अब सभी की नजरें परीक्षा प्रक्रिया और आगे आने वाले परिणामों पर टिकी हुई हैं।

