क्रॉसिंग रिपब्लिक स्थित स्काईटेक फेज-2 सोसाइटी में पूर्वांचल की महिलाओं ने सामूहिक रूप से हरतालिका तीज का पर्व पूरे विधि-विधान और श्रद्धा के साथ मनाया। पति की लंबी आयु और सुखी दांपत्य जीवन की कामना को लेकर सुहागिन महिलाओं ने निर्जला व्रत रखा और 16 श्रृंगार कर भगवान शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना की।
मधुलिका श्रीवास्तव ने बताया कि सोसाइटी में पिछले 12 वर्षों से पूर्वांचल की महिलाएं एकजुट होकर सामूहिक रूप से हरतालिका तीज की पूजा करती आ रही हैं। उन्होंने बताया कि व्रती महिलाएं सुबह करीब चार बजे सरगही के रूप में कुछ मीठा ग्रहण करने के बाद पूरे दिन निर्जला उपवास रखती हैं।
पूजा के दौरान मिट्टी से भगवान शिव और माता पार्वती की प्रतिमा तैयार की जाती है और माता पार्वती को श्रृंगार सामग्री अर्पित की जाती है। इसके साथ फल, फूल, मिठाई, गुजिया और खजूर का प्रसाद चढ़ाया गया। पंडित जी ने विधिवत पूजा कराते हुए महिलाओं को हरतालिका तीज की कथा सुनाई, जिसके बाद आरती की गई।
पूजा के बाद भगवान शिव-पार्वती की प्रतिमा के सामने अखंड दीप प्रज्वलित किया गया, जो पूरी रात जलता रहा। व्रती महिलाएं भी इसी स्थान पर रात्रि विश्राम करती हैं। अगले दिन सुबह विसर्जन पूजन के बाद व्रत का पारण मीठे शर्बत से किया जाता है, जिसके बाद सात्विक भोजन ग्रहण किया जाता है।
सामूहिक पूजा में मधुलिका श्रीवास्तव, संजीता, अंजू सिंह, रश्मि वर्मा, पूनम रंजन, किरण पांडे, माही सिंह, मीतू लाभ, दीपिका गुप्ता, कामना पाठक, आराधना सिन्हा, आँचल श्रीवास्तव, अर्चना श्रीवास्तव, प्रियंका और अन्नू चौहान सहित अन्य महिलाएं शामिल रहीं।
हरतालिका तीज बिहार और पूर्वांचल में विशेष आस्था के साथ मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की तृतीया को मनाए जाने वाले इस पर्व पर सुहागिन महिलाएं पति की लंबी आयु, अच्छे स्वास्थ्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं।

