कार्यस्थल पर महिलाओं की गरिमा, सुरक्षा एवं सम्मान सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (DHEW), मिशन शक्ति, मधुबनी, महिला एवं बाल विकास निगम, बिहार के तत्वावधान में सीता मुरलीधर +2 उच्च विद्यालय, बसैठा में कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, निषेध एवं निवारण) अधिनियम, 2013 के संबंध में जागरूकता एवं प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई।
कार्यशाला को संबोधित करते हुए जिला मिशन समन्वयक श्री अंजनी कुमार झा ने कहा कि कार्यस्थल पर महिलाओं की सुरक्षा केवल कानूनी विषय नहीं, बल्कि प्रत्येक संस्थान की सामाजिक, नैतिक एवं संस्थागत जिम्मेदारी है। उन्होंने अधिनियम के प्रावधानों को सरल एवं व्यावहारिक तरीके से समझाते हुए कहा कि कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न का अर्थ केवल किसी महिला को शारीरिक रूप से परेशान करना नहीं है। अवांछित व्यवहार के कई अन्य स्वरूप भी इसके दायरे में आ सकते हैं।
उन्होंने विस्तार से बताया कि अनुचित स्पर्श या शारीरिक निकटता के अतिरिक्त यौन प्रकृति की अवांछित टिप्पणियां या संकेत, अशोभनीय संदेश अथवा चित्र भेजना, यौन संबंध या यौन लाभ की मांग करना तथा ऐसा कोई भी अवांछित मौखिक, गैर-मौखिक या लिखित आचरण, जिससे महिला असहज, अपमानित, भयभीत अथवा असुरक्षित महसूस करे, गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
श्री झा ने कहा कि कार्यस्थल पर उत्पीड़न की रोकथाम के लिए केवल कानून की जानकारी पर्याप्त नहीं है, बल्कि संस्थानों में संवेदनशीलता, जवाबदेही और सम्मानजनक व्यवहार की संस्कृति विकसित करना आवश्यक है। उन्होंने शिक्षकों एवं कर्मियों से अपील की कि वे अपने संस्थान को ऐसा सुरक्षित एवं गरिमापूर्ण स्थान बनाने में सक्रिय भूमिका निभाएं, जहां प्रत्येक महिला बिना भय या संकोच के अपने दायित्वों का निर्वहन कर सके।
लैंगिक विशेषज्ञ श्री शिवराम मेहरा द्वारा कार्यशाला में प्रतिभागियों को POSH अधिनियम के अंतर्गत शिकायत की प्रक्रिया, शिकायतों के निवारण की व्यवस्था, संस्था एवं नियोक्ता की जिम्मेदारियों तथा कार्यस्थल पर महिलाओं के अधिकारों के संबंध में विस्तृत जानकारी दी गई। इस दौरान यह भी बताया गया कि किसी भी प्रकार के अनुचित व्यवहार की अनदेखी करने के बजाय निर्धारित कानूनी एवं संस्थागत प्रक्रिया के माध्यम से उसका समाधान सुनिश्चित करना आवश्यक है।
कार्यक्रम में जिला हब फॉर एमपोवर्मेंट ऑफ वुमन(DHEW) के लैंगिक विशेषज्ञ श्री शिवराम मेहरा, विद्यालय के प्रधानाध्यापक काशफूददूजा एवं कृष्ण कुमार झा, रामचन्द्र राम, अभिलाषा राजभर, विश्वनाथ प्रसाद, सुरेश कुमार भगत, सत्यवीर सिंह,सत्येन्द्र कुमार, रामबाबू कुमार, जितेंद्र पासवान, संतोष मण्डल, शिल्पी कुमारी, सबाना परवीन, श्रीमती सुषमा कुमारी, श्रीमती राजकुमारी, एवं सुश्री संगम कुमारी पांडेय सहित अन्य शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं । प्रतिभागियों ने अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग से संबंधित प्रश्न पूछे, जिनका अंजनी कुमार झा द्वारा विस्तारपूर्वक समाधान किया गया।
कार्यशाला का उद्देश्य विद्यालय एवं अन्य कार्यस्थलों पर महिलाओं के प्रति सम्मान, समानता, गरिमा एवं सुरक्षित वातावरण सुनिश्चित करने के लिए जागरूकता बढ़ाना तथा POSH अधिनियम के प्रावधानों के प्रति संस्थागत संवेदनशीलता एवं जवाबदेही को मजबूत करना था।
जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ विमेन (DHEW), मिशन शक्ति, मधुबनी द्वारा महिलाओं की सुरक्षा, अधिकार, सम्मान एवं सशक्तिकरण से जुड़े विषयों पर जिले के विभिन्न संस्थानों एवं समुदायों में निरंतर जागरूकता एवं क्षमता-वर्धन कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

