नई दिल्ली। बदलती जीवनशैली के बीच हृदय, किडनी और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं लगातार महत्वपूर्ण विषय बन रही हैं। ऐसे में समय रहते जागरूकता, सही चिकित्सकीय सलाह और बचाव के उपायों को लोगों तक पहुंचाना जरूरी है। इसी विषय को लेकर प्रेस क्लब ऑफ इंडिया, नई दिल्ली में प्रेस वार्ता एवं विशेष सम्मान समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा एवं जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए डॉ. आशुतोष मिश्रा को सम्मानित किया गया। उन्हें यह सम्मान भारत माता मिशन के केंद्रीय अध्यक्ष एवं चिन्मय भारत न्यास के राष्ट्रीय अध्यक्ष महंत पं. अजीत मिश्रा ने प्रदान किया।
डॉ. आशुतोष मिश्रा MD एवं कंसल्टेंट एंडोक्राइनोलॉजिस्ट और मेटाबॉलिक फिजिशियन, Panacea Hospital, Varanasi हैं। वे चिकित्सा, जन-जागरूकता तथा चिकित्सकों के प्रशिक्षण के क्षेत्र में कार्य कर रहे हैं। वे CARDIABCON Society के महासचिव भी हैं। कार्यक्रम में उनके स्वास्थ्य सेवाओं और जागरूकता से जुड़े प्रयासों को रेखांकित किया गया।
इस अवसर पर महंत पं. अजीत मिश्रा ने चिकित्सा क्षेत्र में डॉ. आशुतोष मिश्रा के योगदान और सेवा-भाव की सराहना की। वहीं CARDIABCON Society की चेयरपर्सन एवं कंसल्टेंट कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. पल्लवी मिश्रा ने हृदय, किडनी और मेटाबॉलिक स्वास्थ्य को एक साथ देखने की आवश्यकता पर विचार रखे।
प्रेस वार्ता में ‘Varanasi Declaration 2026’ का भी उल्लेख किया गया, जिसे CARDIABCON Society के 48 राष्ट्रीय विशेषज्ञों ने तैयार किया है और जिसे प्रतिष्ठित मेडिकल जर्नल The Lancet में प्रकाशित किया गया है। घोषणा-पत्र में भारत के संदर्भ में एकीकृत Cardio-Diabetes-Renal स्वास्थ्य देखभाल को लेकर नीति ढांचे पर जोर दिया गया है।
कार्यक्रम में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ अन्य गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। आयोजन का उद्देश्य स्वास्थ्य से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद और जन-जागरूकता को आगे बढ़ाना रहा।

