Wednesday, April 15, 2026
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गुरुदेव आर्यम को राष्ट्र ने किया नमन — ‘प्राइड ऑफ़ नेशन 2026’ अवार्ड से सम्मानित

आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन के संस्थापक-अध्यक्ष, विश्वविख्यात आध्यात्मिक गुरु प्रोफ़ेसर पुष्पेंद्र कुमार आर्य — जो गुरुदेव आर्यम के नाम से समस्त विश्व में श्रद्धापूर्वक जाने जाते हैं — को आज प्रतिष्ठित ‘प्राइड ऑफ़ नेशन 2026’ अवार्ड से सम्मानित किया गया। आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम स्थित होटल नोवाटेल में एशिया टू डे मीडिया द्वारा आयोजित इस भव्य समारोह में ओडिशा के माननीय राज्यपाल डॉ. हरि बाबू कम्भापति ने मुख्य अतिथि के रूप में यह प्रतिष्ठित सम्मान गुरुदेव आर्यम को प्रदान किया। आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन को यह सम्मान ‘लीडिंग स्पिरिचुअल एंड सोशल ट्रांसफ़ॉर्मेशन फाउंडेशन ऑफ़ द ईयर’ की श्रेणी में प्रदान किया गया है। इस अवसर पर मंच पर केंद्रीय राज्यमंत्री (पशुपालन, डेयरी एवं पंचायती राज, भारत सरकार) श्री एस.पी. सिंह बघेल, केंद्रीय राज्यमंत्री (भारी उद्योग एवं इस्पात, भारत सरकार) श्री भूपति राजू श्रीनिवास वर्मा तथा राज्यसभा सांसद श्री बाबू राव भी गणमान्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।

‘प्राइड ऑफ़ नेशन अवार्ड’ एशिया टू डे मीडिया द्वारा स्थापित एक अग्रणी एवं अत्यंत प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान है, जो भारत एवं विश्वभर में उत्कृष्ट उपलब्धियाँ हासिल करने वाले भारतीयों को सम्मानित करता है। यह कला, मनोरंजन, खेल, मीडिया, राजनीति, शिक्षा, चिकित्सा, व्यापार, समाज सेवा, वन्यजीव संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण जैसे विविध क्षेत्रों में प्रेरणादायक उपलब्धियों को रेखांकित करने वाला अपनी तरह का एकमात्र आयोजन है। इससे पूर्व यह सम्मान महाराष्ट्र, तेलंगाना एवं कर्नाटक के राज्यपालों तथा पद्मश्री सम्मानित हस्तियों द्वारा अनेक प्रतिष्ठित विभूतियों को प्रदान किया जा चुका है। विशेष रूप से उल्लेखनीय है कि इस वर्ष आध्यात्म, धर्म एवं पर्यावरण के क्षेत्र से आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन एकमात्र संस्था थी जिसे इस प्रतिष्ठित राष्ट्रीय सम्मान से विभूषित किया गया — जो गुरुदेव आर्यम की असाधारण आध्यात्मिक साधना, धर्म के प्रति समर्पण एवं मानवसेवा के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रमाण है।

गुरुदेव आर्यम के नेतृत्व में आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन विश्वभर में आध्यात्मिक एवं सामाजिक सेवा का अद्वितीय कार्य कर रही है। फाउंडेशन ने वर्ष 2009 से आर्यम अग्निहोत्र के पवित्र अनुष्ठानों के माध्यम से सामूहिक चेतना एवं शांति का प्रसार किया है तथा आर्यम पुष्पार्चन द्वारा वैदिक भक्ति की प्राचीन परंपरा को पुनर्जीवित किया है। इसके अतिरिक्त मंत्र-यंत्र-तंत्र की कार्यशालाएँ, निराश्रितों के लिए भंडारा कार्ड योजना, निःशुल्क चिकित्सा एवं नेत्र शिविर तथा ‘आनंद वाटिका’ के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण जैसी अनेक सेवामूलक पहलें भारत एवं विदेशों में निरंतर संचालित हो रही हैं।

आज 40 से अधिक देशों में लगभग 25 लाख लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाने वाले गुरुदेव आर्यम को ‘लीडिंग स्पिरिचुअल एंड सोशल ट्रांसफ़ॉर्मेशन फाउंडेशन ऑफ़ द ईयर’ के रूप में मिला यह सम्मान उनके दशकों के अथक आध्यात्मिक एवं सामाजिक योगदान की राष्ट्रीय स्तर पर स्वीकृति है। फाउंडेशन इस सम्मान को समस्त शिष्यों, सेवकों एवं समाज को समर्पित करता है तथा ‘ज्ञान द्वारा जीवन को समृद्ध बनाने’ के अपने संकल्प पर निरंतर अग्रसर रहने की प्रतिबद्धता दोहराता है।
ट्रस्ट की अधिशासी प्रवक्ता माँ यामिनी श्री ने बताया कि गुरुदेव आर्यम विश्व भर में इकलौते ऐसे गुरु हैं जो धर्म को सच्चाई, निष्ठा, अनुशासन, पर्यावरण एवं उन समस्त ईश्वरीय तत्त्वों से जोड़ रहे हैं जिससे धर्म अपना रूप लेता है। आर्यम जी महाराज की शिक्षाओं का मूल उद्देश्य मानवजाति को सजग, सचेत, अभय, एवं उत्कृष्ट बनाना है। वृक्ष रूपी सनातन धर्म जिसकी असंख्य शाखाएँ विश्व भर में अपने उजास से समस्त प्राणियों को मार्ग दिखाने का कार्य करती हैं, गुरुदेव आर्यम इसी वृक्ष की जड़ों को, अपनी समाज उद्धारक योजनाओं से और बलिष्ठ कर रहे हैं। आज विश्व भर में आर्यम जी महाराज के शिष्य हैं, जिनका जीवन उनके मार्गदर्शन से रूपांतरित हो रहा है। आर्यम गुरुदेव का समस्त व्यक्तित्व, एवं आर्यम इंटरनेशनल फाउंडेशन का उद्देश्य ‘आर्यम शरणम् शुभमस्तु’ के मंत्र को गुंजायमान कर रहा है – जो श्रेष्ठ है वह मेरा आश्रय हो, उस आश्रय से सब कुछ शुभ एवं मंगलमय हो ।

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