Wednesday, April 15, 2026
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पान्दा जागीर,देवास के मालवा कबीर महोत्सव व यात्रा की वैश्विक गूंज का सेतु बना आरजेएस मीडिया

दिल्ली – मालवा कबीर महोत्सव व यात्रा,पांदा जागीर,देवास (म.प्र.) के वैश्विक आध्यात्मिक विमर्श का सेतु बना आरजेएस पीबीएस -आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया।‌अनेक प्रदेशों से जुड़े वेबिनार के दर्शकों ने प्रस्तुत कबीर भजनों का आनंद लिया।
राम जानकी संस्थान (आरजेएस) पॉजिटिव ब्रॉडकास्टिंग हाउस (पीबीएच) मीडिया के संस्थापक व राष्ट्रीय संयोजक उदय कुमार मन्ना ने बताया कि “अमृतकाल का सकारात्मक भारत उदय” के श्रृंखलाबद्ध कार्यक्रमों के 524वें संस्करण ने संत कबीर की 15वीं शताब्दी की मानवतावाद को 21वीं सदी की की तकनीकी आवश्यकताओं के साथ सफलतापूर्वक संश्लेषित किया । 21 फरवरी को फिजिकल व वर्चुअल कार्यक्रम के सह-आयोजक और सतनाम सेवा समिति,पान्दाजागीर के सेवक राजेश परमार साहेबजी ने मालवा कबीर आध्यात्मिक व सांस्कृतिक जन चेतना यात्रा की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि पान्दा जागीर,देवास से मालवा कबीर महोत्सव व यात्रा को आरजेएस की टेक्निकल टीम ने आर्काइविंग(ग्रंथ 07पुस्तक) के लिए वर्चुअल और फिजिकल सिस्टम को सेतु बनाया। इसका आरजेएस पाॅजिटिव मीडिया यूट्यूब पर लाईव प्रसारण टीफा26 और लोक गायक दयाराम सारोलिया,करणसिंह पोरवाल, व साथियों का सहयोग सराहनीय रहा। ।
इस अवसर पर पद्मश्री से सम्मानित कबीर लोक गायक प्रह्लाद सिंह टिपानिया से दयाराम सारोलिया की वार्ता सार्थक रही। श्री टिपानिया ने बताया कि पिछले 30 वर्षों से मालवा कबीर महोत्सव मनाया जा रहा है,और पिछले 15 वर्षों से यात्रा निकालने का उत्साह मालवा में आज भी बरकरार है।
उन्होंने कहा कि सद् गुरु कबीर मानवता के प्रवर्तक रहे हैं। हमारे सभी महापुरुषों ने इंसान का इंसान से भाईचारा, करूणा और सद्भाव
को बढ़ावा दिया है‌ । हमें उनके बताए मार्ग को समझना है और आत्मसात करना है। उन्होंने बताया कि 19 से 22 फरवरी, 2026 तक चलने वाला यह चार दिवसीय उत्सव केवल देश-विदेश के लोक गायकों का एक स्थानीय जमावड़ा नहीं है, बल्कि वैश्विक दर्शकों के लिए आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि को संग्रहित करने का एक परिष्कृत प्रयास है। राजेश परमार साहेबजी ने कहा कि नशामुक्त समाज के निर्माण और सार्वभौमिक साक्षरता को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया गया । वेबिनार के माध्यम से यात्रा में कलाकारों की एक विविध सूची शामिल थी, जो यह दर्शाती है कि कबीर का संदेश भाषाई और क्षेत्रीय सीमाओं से परे है। कबीर महोत्सव का समापन इंदौर में 22 फरवरी को निर्धारित है। आकाशवाणी और दूरदर्शन के कबीर लोक गायक करण सिंह पोरवाल ने उत्सव के मैदान से लाइव रिपोर्ट करते हुए पद्मश्री प्रहलाद सिंह टिपानिया की पोती स्वाति सिंह, चेन्नई के वेदांत भारद्वाज और गुजरात के कच्छ क्षेत्र के मुरा लाला मारवाड़ा जैसे कलाकारों का परिचय कराया। वेबिनार में सरिता कपूर, स्वीटी पाॅल, शुभ्रा सिंह,रिन्ने मीराजा, निशा चतुर्वेदी,राकेश मनचंदा, आकांक्षा, मयंक राज,उदय नारायण सिंह आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।

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