सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए अच्छी खबर है। अब पढ़ाई में पीछे रह गए विद्यार्थियों को आगे लाने के लिए प्रदेश सरकार विशेष पहल करने जा रही है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क के अनुरूप जुलाई से परिषदीय और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों में ‘कैच-अप शिक्षण अभियान’ शुरू किया जाएगा। इस अभियान का उद्देश्य उन बच्चों के लर्निंग गैप को दूर करना है, जो नियमित कक्षाओं के बावजूद अपेक्षित अधिगम स्तर तक नहीं पहुंच पाए हैं।
योजना के तहत जुलाई में 15 दिनों का विशेष पुनरावृत्ति शिक्षण कार्यक्रम चलाया जाएगा। इसके बाद अगस्त से जनवरी 2027 तक विद्यार्थियों को प्रतिदिन 20 से 30 मिनट का अतिरिक्त शिक्षण दिया जाएगा, ताकि उनकी सीखने की क्षमता को बेहतर बनाया जा सके।
बता दें कि अभियान के दौरान छात्रों का फॉर्मेटिव असेसमेंट भी कराया जाएगा। इसके आधार पर उनकी शैक्षणिक जरूरतों को पहचानकर अलग-अलग समूह बनाए जाएंगे और उसी अनुसार शिक्षण योजनाएं तैयार की जाएंगी।
पढ़ाई को आसान और प्रभावी बनाने के लिए नई अवधारणाओं को बच्चों के दैनिक जीवन और स्थानीय अनुभवों से जोड़कर समझाया जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा पढ़ाई में पीछे न रहे और हर विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुसार बेहतर प्रदर्शन कर सके।

