देश में इन दिनों चीनी और इथेनॉल को लेकर चर्चा तेज है। केंद्र सरकार ने घरेलू बाजार में चीनी की उपलब्धता बनाए रखने और कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए चीनी निर्यात पर रोक लगा रखी है। इसी बीच गन्ना किसानों के लिए एक बड़ी राहत की खबर सामने आई है।
महाराष्ट्र सरकार ने गन्ना किसानों के बकाया भुगतान को लेकर चीनी मिलों के खिलाफ सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। किसानों को गन्ने का उचित और लाभकारी मूल्य यानी एफआरपी (FRP) समय पर मिले, इसके लिए सरकार ने कड़ा रुख अपनाया है।
बता दें कि महाराष्ट्र विधान परिषद में सहकारिता मंत्री बाबासाहेब पाटिल ने जानकारी देते हुए बताया कि वर्ष 2025-26 के चीनी सीजन में एफआरपी भुगतान में देरी करने वाली 81 चीनी मिलों को नोटिस जारी किए गए हैं।
सरकार ने साफ संकेत दिए हैं कि किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
इतना ही नहीं, करीब 232 करोड़ 79 लाख रुपये के बकाया भुगतान को लेकर सात चीनी कारखानों के खिलाफ वसूली की कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। सरकार का कहना है कि किसानों का पैसा हर हाल में दिलाया जाएगा और भुगतान में लापरवाही बरतने वाली मिलों पर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।

