Saturday, September 12, 2026
Home Daily Diary News राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर आरजेएस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा -प्रकृति-उन्मुख...

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर आरजेएस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा -प्रकृति-उन्मुख जीवनशैली और रोजगार से पर्यावरण को मिलेगा संरक्षण

नई दिल्ली
राष्ट्रीय वन शहीद दिवस 11 सितंबर के उपलक्ष्य में आयोजित आरजेएस पीबीएच संस्थापक उदय कुमार मन्ना द्वारा संचालित राष्ट्रीय संगोष्ठी में पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों ने प्रकृति संरक्षण को मात्र सांकेतिक अभियानों तक सीमित न रखकर इसे आजीविका और जमीनी जवाबदेही से जोड़ने पर बल दिया।

आरजेएस पॉजिटिव मीडिया के 646वें राष्ट्रीय वेबिनार के अंतर्गत 11 सितंबर 2026 को परिचर्चा का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य विषय “प्रकृति की रक्षा से ब्रह्मांड की सुरक्षा” रखा गया था। इस संगोष्ठी में अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए प्राण न्योछावर करने वाले वनकर्मियों और पर्यावरण संरक्षकों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित प्रकृति भक्त फाउंडेशन, नई दिल्ली के संस्थापक राजेश शर्मा ने मानवीय चेतना और पर्यावरण के अंतर्संबंधों पर अपने विचार रखे। शर्मा ने कहा कि समाज में अवसाद और नकारात्मक प्रवृत्तियों का एक बड़ा कारण मनुष्य का प्रकृति से विमुख होना है। उन्होंने बताया कि उनका संगठन दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में पौधारोपण और प्रकृति-उन्मुख जीवनशैली को बढ़ावा दे रहा है।

अध्यक्षीय संबोधन देते हुए कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन यूनिवर्सिटीज के अध्यक्ष तथा इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ इकोलॉजी एंड एनवायरनमेंट के चेयरमैन डॉ. प्रिय रंजन त्रिवेदी ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण को जब तक रोजगार और आजीविका से नहीं जोड़ा जाएगा, तब तक यह जनआंदोलन का रूप नहीं ले सकता। उन्होंने कहा कि युवाओं के समक्ष बेरोजगारी एक प्रमुख संकट है, और इसका समाधान कचरा प्रबंधन, मधुमक्खी पालन, पारंपरिक वनौषधि और समुद्री अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में हरित रोजगार सृजित करके निकाला जा सकता है।

डॉ. त्रिवेदी ने वर्ष उन्नीस सौ बहत्तर के स्टॉकहोम सम्मेलन का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और योजना आयोग के उपाध्यक्ष नारायण दत्त तिवारी के समक्ष पर्यावरण के लिए अलग प्रशासनिक तंत्र की मांग रखी थी, जिसके परिणामस्वरूप पहले पर्यावरण विभाग और बाद में उन्नीस सौ चौरासी में केंद्रीय पर्यावरण मंत्रालय का गठन हुआ। उन्होंने उच्चतम न्यायालय में दायर उस जनहित याचिका का भी स्मरण कराया जिसके आदेशानुसार देश भर के विद्यालयों और महाविद्यालयों में पर्यावरण अध्ययन को अनिवार्य पाठ्यक्रम बनाया गया।

पर्यावरण प्रेमी आर. के. बिश्नोई ने राजस्थान के खेजड़ली बलिदान के ऐतिहासिक संदर्भ को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सत्रह सौ तीस ईस्वी में जोधपुर के तत्कालीन महाराजा अभय सिंह के शासनकाल में अमृता देवी बिश्नोई के नेतृत्व में तीन सौ तिरसठ ग्रामीणों ने खेजड़ी वृक्षों की रक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति दी थी। उन्होंने गुरु जंभेश्वर द्वारा प्रतिपादित उनतीस नियमों का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि वन्यजीव और वृक्षों की रक्षा समाज की बुनियादी आस्था का अंग रही है।

बिश्नोई ने पौधारोपण के नाम पर होने वाले दिखावे की आलोचना करते हुए कहा कि यदि अब तक लगाए गए पौधों के सरकारी और गैर-सरकारी आंकड़ों का विश्लेषण किया जाए, तो धरती पर स्थान कम पड़ जाए। वास्तविक समस्या यह है कि पौधे लगाने के बाद उनकी उचित देखरेख और सिंचाई नहीं की जाती। उन्होंने विदेशी पौधों के अंधाधुंध रोपण के स्थान पर स्थानीय प्रजातियों को बढ़ावा देने की आवश्यकता जताई। खाड़ी देशों में अपने अठारह वर्षों के प्रवास का अनुभव साझा करते हुए उन्होंने बताया कि संयुक्त अरब अमीरात ने वर्ष दो हज़ार आठ में खेजड़ी के समकक्ष गॉफ वृक्ष को राष्ट्रीय वृक्ष घोषित कर उसका संरक्षण किया था।

प्रतिभागी डॉ. रश्मि चौबे द्वारा आम नागरिक की सहभागिता पर पूछे गए प्रश्न के उत्तर में डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि बच्चों और नई पीढ़ी को व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर ही परिवारों की जीवनशैली में सुधार लाया जा सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर सीधे धरातल तक पहुंचनी चाहिए। आरजेएस पीबीएच कार्यक्रम के को-होस्ट डा.रश्मि चौबे ने 14 सितंबर हिंदी दिवस और गणेश उत्सव पर अंतरराष्ट्रीय वेबिनार में आमंत्रित किया।

कार्यक्रम के संचालक उदय मन्ना ने तस्करों, शिकारियों और दावानल जैसी विकट परिस्थितियों से जंगलों की रक्षा करने वाले वनकर्मियों को नमन किया। उन्होंने ग्यारह सितंबर के दिन स्वामी विवेकानंद के शिकागो व्याख्यान और भूदान आंदोलन के प्रणेता आचार्य विनोबा भावे की जयंती का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राकृतिक संसाधनों का संयमित उपयोग ही विकास और विनाश के बीच संतुलन स्थापित कर सकता है।

भारत व्यापार संवर्धन संगठन की सेवानिवृत्त वरिष्ठ प्रबंधक स्वीटी पॉल ने प्रगति मैदान और भारत मंडपम के संदर्भ में अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि आधुनिक परिसरों के निर्माण के साथ-साथ हरित आवरण का संरक्षण आवश्यक है।
आयोजकों ने बताया कि आगामी बैठकों में सकारात्मक पत्रकारिता, युवाओं के संवेदीकरण और गणतंत्र दिवस की नागरिक पहलों पर संवाद जारी रखा जाएगा।

RELATED ARTICLES

हेल्थकेयर शिक्षा को नई दिशा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में GD Goenka Academy का शुभारंभ

  ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की शुरुआत हुई, जहां GD Goenka Healthcare Academy का भव्य ग्रैंड ओपनिंग समारोह...

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर आरजेएस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा -प्रकृति-उन्मुख जीवनशैली और रोजगार से पर्यावरण को मिलेगा संरक्षण

नई दिल्ली राष्ट्रीय वन शहीद दिवस 11 सितंबर के उपलक्ष्य में आयोजित आरजेएस पीबीएच संस्थापक उदय कुमार मन्ना द्वारा संचालित राष्ट्रीय संगोष्ठी में पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों...

विनफास्ट ने वर्ल्ड ईवी डे पर VF 6 और VF 7 का अनावरण किया

वेलोसिटी फिनट्रस्ट, जो वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता विनफास्ट का अधिकृत डीलर पार्टनर है, ने आज वर्ल्ड ईवी डे के अवसर पर नोएडा के सेक्टर...

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Most Popular

हेल्थकेयर शिक्षा को नई दिशा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट में GD Goenka Academy का शुभारंभ

  ग्रेटर नोएडा वेस्ट में स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में नई पहल की शुरुआत हुई, जहां GD Goenka Healthcare Academy का भव्य ग्रैंड ओपनिंग समारोह...

राष्ट्रीय वन शहीद दिवस पर आरजेएस कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने कहा -प्रकृति-उन्मुख जीवनशैली और रोजगार से पर्यावरण को मिलेगा संरक्षण

नई दिल्ली राष्ट्रीय वन शहीद दिवस 11 सितंबर के उपलक्ष्य में आयोजित आरजेएस पीबीएच संस्थापक उदय कुमार मन्ना द्वारा संचालित राष्ट्रीय संगोष्ठी में पर्यावरणविदों, शिक्षाविदों...

विनफास्ट ने वर्ल्ड ईवी डे पर VF 6 और VF 7 का अनावरण किया

वेलोसिटी फिनट्रस्ट, जो वैश्विक इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता विनफास्ट का अधिकृत डीलर पार्टनर है, ने आज वर्ल्ड ईवी डे के अवसर पर नोएडा के सेक्टर...

Filmmaker and Spiritualist Ramira Taneja Explores the Power of Storytelling in Consumer Insights

  New Delhi:  Filmmaker, entertainment entrepreneur and spiritualist Ramira recently addressed an online gathering of consumer insights and market research professionals on the growing importance...

Recent Comments