मधुबनी, दिनांक 16 अक्टूबर 2026
अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर दिनांक 16 अक्टूबर 2026 को जिला मुख्यालय स्थित डीआरडीए परिसर, मधुबनी में जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं के अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने, लैंगिक समानता को प्रोत्साहित करने तथा बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों के उन्मूलन हेतु सामूहिक सहभागिता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बालिकाओं को शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं समान अवसर उपलब्ध कराकर ही सशक्त, समतामूलक एवं विकसित समाज का निर्माण किया जा सकता है।
कार्यक्रम में *सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकार, असैनिक शल्य चिकित्सक, मधुबनी, सहायक निदेशक, सामाजिक सुरक्षा कोषांग, पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती रश्मि कुमारी, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस, जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम, डॉ. श्रीमती ऋचा झा; बाल विकास परियोजना पदाधिकारीगण, महिला एवं बाल विकास निगम के सभी कर्मी, विभिन्न विद्यालयों की छात्राएँ एवं शिक्षकगण; सामाजिक कार्यकर्ता; अभिभावकगण तथा मीडिया प्रतिनिधि* उपस्थित रहे।
*दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ*
कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ उपस्थित अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं के जीवन में शिक्षा, ज्ञान, आत्मविश्वास एवं समान अवसरों का प्रकाश फैलाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं की प्रतिभा, उपलब्धियों एवं उनके उज्ज्वल भविष्य को प्रोत्साहित करने पर विशेष बल दिया गया।
*मंच संचालन में अंजनी कुमार झा की प्रभावशाली भूमिका*
कार्यक्रम का मंच संचालन जिला मिशन समन्वयक, जिला हब फॉर एमपावरमेंट ऑफ वुमेन, मधुबनी, श्री अंजनी कुमार झा द्वारा सुव्यवस्थित, प्रभावशाली एवं गरिमामय ढंग से किया गया। उन्होंने कार्यक्रम की विभिन्न गतिविधियों को क्रमबद्ध रूप से प्रस्तुत करते हुए अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व एवं बालिका सशक्तीकरण के उद्देश्यों को प्रभावी ढंग से रेखांकित किया। उन्होंने बालिकाओं की शिक्षा, सुरक्षा, सम्मान एवं आत्मनिर्भरता को सशक्त समाज की आधारशिला बताते हुए बाल विवाह के उन्मूलन, समान अवसरों की उपलब्धता तथा बालिकाओं के आत्मविश्वास को बढ़ावा देने पर बल दिया। उनके कुशल मंच संचालन ने कार्यक्रम को उद्देश्यपरक एवं प्रेरणादायी स्वरूप प्रदान किया तथा बालिका सशक्तीकरण के संदेश को प्रभावी ढंग से प्रसारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
*वक्ताओं ने बालिका सशक्तीकरण, शिक्षा एवं सुरक्षा पर दिया जोर*
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित पदाधिकारियों एवं अतिथियों ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व एवं प्रासंगिकता पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने कहा कि बालिकाओं को शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, सुरक्षा एवं समान अवसर उपलब्ध कराना समाज के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। बालिकाओं के प्रति भेदभाव समाप्त करना तथा उन्हें अपने सपनों को साकार करने के लिए प्रोत्साहित करना परिवार, समाज एवं प्रशासन की सामूहिक जिम्मेदारी है।
*जिला परियोजना प्रबंधक, महिला एवं बाल विकास निगम* ने बालिका सशक्तीकरण में जागरूकता, आत्मनिर्भरता एवं संस्थागत सहयोग की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
*जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, आईसीडीएस* ने बालिकाओं के समुचित पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल एवं शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि स्वस्थ, शिक्षित एवं आत्मविश्वासी बालिकाएँ सशक्त समाज की आधारशिला हैं। बालिकाओं के सर्वांगीण विकास के लिए परिवार, विद्यालय, समुदाय एवं संबंधित विभागों के बीच समन्वय आवश्यक है।
*पुलिस उपाधीक्षक श्रीमती रश्मि कुमारी* ने बालिकाओं की सुरक्षा, सम्मान एवं अधिकारों के संरक्षण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बालिका को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने तथा अपनी प्रतिभा विकसित करने का अवसर मिलना चाहिए। किसी भी प्रकार की हिंसा, उत्पीड़न अथवा असुरक्षा की स्थिति में बालिकाओं को विश्वसनीय व्यक्तियों एवं संबंधित प्राधिकारों से सहायता प्राप्त करने के प्रति जागरूक रहना चाहिए। उन्होंने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम के लिए जन-जागरूकता एवं सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर भी बल दिया।
*असैनिक शल्य चिकित्सक, मधुबनी* ने बालिकाओं के स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं किशोरावस्था में स्वास्थ्य संबंधी जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं के समुचित शारीरिक एवं मानसिक विकास के लिए उचित पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच तथा स्वास्थ्य संबंधी सही जानकारी आवश्यक है।
वक्ताओं ने बाल विवाह की रोकथाम, बालिकाओं की शिक्षा में निरंतरता, लैंगिक समानता एवं बालिकाओं के प्रति सकारात्मक सामाजिक दृष्टिकोण विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बालिकाओं को समान अवसर प्रदान करना न केवल उनके व्यक्तिगत विकास, बल्कि परिवार, समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के लिए भी आवश्यक है।
मेहंदी, गायन एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं में बालिकाओं ने दिखाई प्रतिभा
कार्यक्रम के दौरान बालिकाओं की रचनात्मकता, कलात्मक अभिव्यक्ति एवं आत्मविश्वास को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से मेहंदी, गायन एवं पेंटिंग प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। प्रतियोगिताओं में बालिकाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता का प्रदर्शन किया।
1. मेहंदी प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम स्थान: संध्या कुमारी
द्वितीय स्थान: रागिनी कुमारी
तृतीय स्थान: प्रतिज्ञा कुमारी
2. गायन प्रतियोगिता के परिणाम
प्रथम स्थान: संध्या कुमारी एवं साक्षी — संयुक्त रूप से
द्वितीय स्थान: निवेदिता कुमारी
तृतीय स्थान: मनीषा कुमारी
3.*पेंटिंग प्रतियोगिता के परिणाम*
प्रथम स्थान: निधि कुमारी
द्वितीय स्थान: सुमन कुमारी
तृतीय स्थान: सुहाना एवं अनामिका कुमारी — संयुक्त रूप से
इन प्रतियोगिताओं के माध्यम से बालिकाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने, रचनात्मक सोच विकसित करने तथा आत्मविश्वास के साथ अपनी पहचान स्थापित करने का अवसर मिला। कार्यक्रम ने बालिकाओं की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने एवं उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का संदेश दिया।
*विजेता बालिकाओं को प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो देकर किया गया सम्मानित*
विभिन्न प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता बालिकाओं को उपस्थित अतिथियों द्वारा प्रमाण-पत्र एवं मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बालिकाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें अपनी प्रतिभा को निरंतर निखारने, शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने तथा विभिन्न रचनात्मक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया गया।
बालिकाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास का आह्वान
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि अंतर्राष्ट्रीय बालिका दिवस बालिकाओं के अधिकारों, समान अवसरों एवं सुरक्षित भविष्य के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता को सुदृढ़ करने का महत्वपूर्ण अवसर है। बाल विवाह का उन्मूलन, बालिकाओं की शिक्षा सुनिश्चित करना, उनके स्वास्थ्य एवं पोषण का ध्यान रखना तथा उन्हें आत्मनिर्भर एवं निर्णय लेने में सक्षम बनाना समावेशी और प्रगतिशील समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है। कार्यक्रम में उपस्थित पदाधिकारियों, शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं अन्य प्रतिभागियों की सहभागिता ने बालिका सशक्तीकरण के प्रति सामूहिक संकल्प को मजबूती प्रदान की।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
अंत में अंजनी कुमार झा, जिला मिशन समन्वयक, जिला हब फॉर एमपावरमेंट ऑफ वुमेन, मधुबनी द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सभी पदाधिकारियों, अतिथियों, प्रतिभागी बालिकाओं, शिक्षकों, अभिभावकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं मीडिया प्रतिनिधियों के प्रति आभार व्यक्त किया। साथ ही बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा, उनकी शिक्षा एवं सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर सामूहिक प्रयास करते रहने का आह्वान किया।

