भारत लोक शिक्षा परिषद् के CSR विभाग द्वारा डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर, नई दिल्ली में शिक्षा से समर्थ भारत कार्यक्रम का भव्य आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 400 लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का उद्देश्य एकल अभियान के माध्यम से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा की ज्योति प्रज्वलित करने तथा समाज के सहयोग से राष्ट्र निर्माण के संकल्प को और सशक्त बनाना रहा।
कार्यक्रम में लीला बैंड की शानदार संगीतमय प्रस्तुति ने उपस्थित अतिथियों एवं श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड की ऊर्जावान प्रस्तुति पर सभी झूम उठे और पूरा वातावरण उत्साह, उमंग एवं आनंद से भर गया।
कार्यक्रम के दौरान ट्रस्टी एवं सीएसआर विभाग के चेयरमैन सुभाष सी. अग्रवाल ने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए उनका अभिनंदन किया। ट्रस्ट बोर्ड के चेयरमैन लक्ष्मी नारायण गोयल जी ने अपने संबोधन में एकल अभियान के उद्देश्यों, कार्यों एवं ग्रामीण भारत में शिक्षा और संस्कारों के प्रसार में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
वहीं, राष्ट्रीय चेयरमैन नीरज रायजादा जी ने प्रभावशाली प्रेजेंटेशन के माध्यम से एकल अभियान की कार्यप्रणाली, शैक्षणिक गतिविधियों, सामाजिक योगदान तथा ग्रामीण एवं आदिवासी बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए किए जा रहे प्रयासों की विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की। उन्होंने उपस्थित अतिथियों को इस पुनीत अभियान से जुड़ने तथा शिक्षा के माध्यम से समर्थ एवं आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में सहभागी बनने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के सफल संचालन में राष्ट्रीय प्रधान अखिल गुप्ता जी ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और अपनी प्रभावशाली मंच संचालन शैली से कार्यक्रम को सुव्यवस्थित एवं आकर्षक बनाया।
कार्यक्रम के दौरान एकल विद्यालयों के संचालन में सहयोग प्रदान करने वाले दानदाता बंधुओं को शाल एवं एकल स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में एकल विद्यालयों के संचालन में सहयोग का संकल्प भी प्राप्त हुआ। कार्यक्रम से प्रेरित होकर उपस्थित अधिकांश लोगों ने एकल अभियान से जुड़ने, इसके कार्यों में सहयोग प्रदान करने तथा ग्रामीण एवं जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा की अलख जगाने के अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प भी लिया।
इस कार्यक्रम को सफल एवं प्रभावशाली बनाने में CSR विभाग की पूरी टीम, ट्रस्ट बोर्ड, मैनेजिंग कमेटी, युवा विभाग एवं महिला विभाग का विशेष सहयोग एवं योगदान रहा। सभी के सामूहिक प्रयास, समर्पण और सहभागिता ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
‘शिक्षा से समर्थ भारत’ कार्यक्रम ने शिक्षा, संस्कार, सामाजिक सहभागिता और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प को नई ऊर्जा प्रदान की। यह आयोजन इस विश्वास को और मजबूत करने वाला रहा कि समाज के सामूहिक सहयोग से ग्रामीण एवं आदिवासी क्षेत्रों के प्रत्येक बच्चे तक शिक्षा की रोशनी पहुँचाई जा सकती है और एक सशक्त, समर्थ एवं आत्मनिर्भर भारत का निर्माण किया जा सकता है।

