गाजियाबाद। चेक बाउंस से जुड़े तीन मामलों में गाजियाबाद की अदालतों ने 29 अक्टूबर को महत्वपूर्ण फैसले सुनाए। तीनों मामलों में कुल 4.80 करोड़ रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। न्यायालय ने संबंधित आरोपियों को एक-एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा भी सुनाई। फैसलों में परिवादी को प्रतिकर देने और निर्धारित राशि राजकोष में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
ये मामले परिवाद संख्या 794/2025, 795/2025 और 797/2025 से संबंधित हैं। इनमें परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के तहत सुनवाई की गई, जो चेक बाउंस से जुड़े मामलों में लागू होती है।
उपलब्ध न्यायिक आदेशों के अनुसार, परिवाद संख्या 794/2025 में नदीम इकबाल तथा परिवाद संख्या 795/2025 में कैसरजहां को दोषसिद्ध ठहराया गया। दोनों मामलों में अतिरिक्त न्यायालयों ने एक-एक वर्ष के साधारण कारावास और 1.60-1.60 करोड़ रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 1.58 करोड़ रुपये परिवादी को प्रतिकर के रूप में देने और शेष दो लाख रुपये राजकोष में जमा कराने का निर्देश दिया। अर्थदंड जमा नहीं करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास का भी प्रावधान किया गया है।
तीसरे मामले, परिवाद संख्या 797/2025 को भी इन मामलों के साथ शामिल किए जाने पर कुल अर्थदंड की राशि 4.80 करोड़ रुपये बताई गई है। इस प्रकार तीनों मामलों में चेक बाउंस से जुड़े विवादों पर न्यायालय ने सजा और आर्थिक दंड के माध्यम से अपना फैसला सुनाया।
29 अक्टूबर 2026 को पारित ये फैसले चेक बाउंस के मामलों में कानूनी जवाबदेही और भुगतान संबंधी दायित्वों के महत्व को रेखांकित करते हैं।

