Friday, April 3, 2026
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चिराग पासवान ने किया 52वें डेयरी उद्योग सम्मेलन का उद्घाटन, वर्ल्ड डेयरी समिट 2027 की ऐतिहासिक घोषणा

इंडियन डेयरी एसोसिएशन (नॉर्थ ज़ोन) ने आईडीए यूपी वेस्ट चैप्टर के सहयोग से आज नई दिल्ली के यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर में 52वें डेयरी उद्योग सम्मेलन का शुभारंभ किया। इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण भारत में डेयरी उद्यमिता को बढ़ावा देना है, जिससे लोगों को डेयरी व्यवसाय शुरू करने एवं विस्तार करने के लिए सशक्त बनाया जा सके, आय के अवसर बढ़ें तथा ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत हो।

सम्मेलन का उद्घाटन माननीय श्री चिराग पासवान, केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्री, मुख्य अतिथि के रूप में किया गया। इस अवसर पर माननीय प्रो. एस. पी. सिंह बघेल, राज्य मंत्री, मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी, विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उद्घाटन दिवस पर भारत में वर्ष 2027 में वर्ल्ड डेयरी समिट आयोजित करने हेतु एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए, जो देश के डेयरी क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

माननीय श्री चिराग पासवान ने कहा कि देश के लाखों डेयरी किसान और संपूर्ण डेयरी मूल्य श्रृंखला ग्रामीण और शहरी भारत के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करती है तथा प्रधानमंत्री के ‘विकसित भारत’ के विज़न को साकार करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

उन्होंने डेयरी प्रसंस्करण क्षेत्र के सभी वर्गों से सामूहिक प्रयासों के माध्यम से उत्पाद गुणवत्ता को वैश्विक मानकों तक पहुंचाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि भारतीय डेयरी उत्पाद न केवल अंतरराष्ट्रीय मानकों को पूरा करें, बल्कि उन्हें स्थापित भी करें, ताकि वैश्विक बाजार और घरों में मजबूत उपस्थिति सुनिश्चित हो सके। भारत सरकार डेयरी क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है।

प्रो. एस. पी. सिंह बघेल ने कहा कि डेयरी क्षेत्र भारत में समानांतर अर्थव्यवस्था के रूप में कार्य करता है और किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य को प्राप्त करने में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने बताया कि भारत का दुग्ध उत्पादन लगभग 248 मिलियन टन तक पहुंच चुका है तथा विकास दर और प्रति व्यक्ति उपलब्धता कई पारंपरिक वैश्विक देशों से अधिक है, जिससे भारत डेयरी क्षेत्र में अग्रणी राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ है। उन्होंने पशु कल्याण एवं तकनीकी पहलों—विशेषकर कृत्रिम गर्भाधान (AI), आईवीएफ (IVF)तथा सेक्स-सॉर्टेड सीमन तकनीक—का उल्लेख करते हुए कहा कि ये पहलें उत्पादकता बढ़ाने और डेयरी इकोसिस्टम को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

सम्मेलन में:- लाइफ टाइम अचीवमेंट अवॉर्ड, पैट्रन फेलो और सर्वश्रेष्ठ महिला डेयरी किसान पुरस्कार प्रदान किए गए। उद्घाटन दिवस पर वर्ल्ड डेयरी समिट 2027 के आयोजन हेतु समझौते पर हस्ताक्षर इस सम्मेलन की प्रमुख उपलब्धि रही।
कार्यक्रम की अध्यक्षता श्री सुधीर कुमार सिंह, अध्यक्ष, इंडियन डेयरी एसोसिएशन; डॉ. राहुल सक्सेना, चेयरमैन, आईडीए (नॉर्थ ज़ोन); तथा डॉ. ए. के. त्रिपाठी, सचिव जनरल, 52वां डेयरी उद्योग सम्मेलन ने की।

सम्मेलन में इंटरनेशनल डेयरी फेडरेशन (IDF) की महानिदेशक सुश्री लॉरेंस राइकेन तथा आईडीएफ के अध्यक्ष श्री गिल्स फ्रॉमेंट की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की वैश्विक महत्ता को और बढ़ाया।

अपने संबोधन में आईडीए अध्यक्ष श्री सुधीर कुमार सिंह ने भारत-अमेरिका के बीच हाल ही में घोषित अंतरिम व्यापार समझौते के संदर्भ में स्पष्ट किया कि इससे भारत के डेयरी क्षेत्र को कोई खतरा नहीं है। उन्होंने कहा, “हमारे डेयरी किसान सुरक्षित हैं। चिंता की कोई आवश्यकता नहीं है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि डीडीजीएस (DDGS) जैसे पशु आहार का आयात सीमित है और इससे भारतीय किसानों या दुग्ध उत्पादकों पर कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ता।
एसोसिएशन ने आश्वस्त किया कि भारत सरकार और इंडियन डेयरी एसोसिएशन किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध हैं।

12 से 14 फरवरी तक आयोजित इस सम्मेलन में देशभर से 3,000 से अधिक प्रतिभागी शामिल हुए हैं। डेयरी किसान, दुग्ध उत्पादक, प्रोसेसर, वैज्ञानिक, शोधकर्ता, नीति-निर्माता और उद्यमी विचार-विमर्श, नवाचारों की खोज और डेयरी इकोसिस्टम को सुदृढ़ करने हेतु एकत्रित हुए हैं।

भारत विश्व का सबसे बड़ा दुग्ध उत्पादक देश है, जो वैश्विक दुग्ध उत्पादन में लगभग 25 प्रतिशत योगदान देता है।
वक्ताओं ने बताया कि उन्नत तकनीकों, बेहतर नस्लों और आईवीएफ व सेक्स-सॉर्टेड सीमन जैसी आधुनिक वैज्ञानिक विधियों के माध्यम से दुग्ध उत्पादन में निरंतर वृद्धि हो रही है। मुख्य ध्यान उत्पादकता बढ़ाने पर है ताकि डेयरी किसान उपलब्ध संसाधनों से अधिक आय अर्जित कर सकें। एनडीडीबी के अध्यक्ष डॉ. मीनेश शाह ने भी सभा को संबोधित किया।

भारत के डेयरी किसानों की अथक मेहनत और समर्पण पोषण सुरक्षा एवं सशक्त राष्ट्र निर्माण में उनके महत्वपूर्ण योगदान का प्रमाण है, जो एक आत्मविश्वासी और प्रगतिशील “नए भारत” की परिकल्पना को साकार करता है।

सम्मेलन में एक भव्य प्रदर्शनी भी आयोजित की गई है, जिसमें अग्रणी डेयरी एवं दुग्ध उत्पादन कंपनियां अपने उत्पाद, उन्नत मशीनरी और नवीन तकनीकों का प्रदर्शन कर रही हैं।

14 फरवरी तक चलने वाले इस सम्मेलन में विकास, नवाचार, सततता और डेयरी किसानों की आय वृद्धि जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा होगी। यह आयोजन भारतीय डेयरी उद्योग के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है, जो भारत को वैश्विक डेयरी उत्पादन और निर्यात में अग्रणी बनाने की दिशा में सशक्त कदम है।

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