गोतस्करों का पीछा करते समय शनिवार तड़के बाइक सवार गोरक्षक चंद्रशेखर उर्फ ‘फरसा वाले बाबा’ की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। आरोप है कि कोटवन चौकी के नवीपुर के पास गोतस्करों ने वाहन से कुचलकर उनकी हत्या कर दी।
बताया जा रहा है कि ईद के मौके पर गोवंशी से भरे वाहनों की धरपकड़ के लिए गोरक्षक हाईवे पर सक्रिय थे। सुबह करीब 4 बजे फरसा वाले बाबा अपने साथियों के साथ एक कंटेनर का बाइक से पीछा कर रहे थे, तभी एक ट्रक ने उन्हें कुचल दिया।
घटना से नाराज गोरक्षकों ने छाता कट के पास हाईवे पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। करीब साढ़े तीन घंटे तक हाईवे पूरी तरह जाम रहा। इस दौरान पथराव और फायरिंग की घटनाएं भी सामने आईं।
उग्र भीड़ ने कई वाहनों के शीशे तोड़ दिए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थिति बेकाबू होते देख पुलिस को सख्त कदम उठाने पड़े।
बता दें कि जिले के कई थानों की पुलिस और पीएसी को मौके पर तैनात किया गया। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए और प्लास्टिक पैलेट का इस्तेमाल किया गया। पथराव में 100 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई जा रही है।
डीआईजी के नेतृत्व में पुलिस ने लाठीचार्ज कर उपद्रवियों को खदेड़ा और कई लोगों को हिरासत में लिया। करीब साढ़े 11 बजे हाईवे से जाम हटवाया गया, लेकिन इलाके में अब भी तनाव का माहौल बना हुआ है।

