वृंदावन के प्रसिद्ध संत संत प्रेमानंद ने अपने भक्तों के लिए भावुक संदेश जारी करते हुए मौन धारण कर एकांतवास शुरू कर दिया है। स्वास्थ्य कारणों के चलते उनकी पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और एकांतिक वार्ता अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई है।
रविवार शाम श्रीराधा केलिकुंज आश्रम द्वारा इंटरनेट मीडिया प्लेटफॉर्म पर जारी वीडियो में संत प्रेमानंद ने अपने भक्तों से कहा,
“बिल्कुल चिंता मत करो… हम मिलें न मिलें, बोलें न बोलें, आप सबको बहुत प्यार करते हैं। हम चाहते हैं कि सबको श्रीजी की कृपा प्राप्त हो।”
उन्होंने भावुक शब्दों में आगे कहा कि,
“हम आएं न आएं, बिना बोले भी तुम्हारे दिमाग में हम रहेंगे। गुरुदेव हमेशा साथ रहेंगे।”
संत प्रेमानंद ने बताया कि उनका मौन व्रत और एकांतवास केवल उनके लिए नहीं, बल्कि भक्तों के कल्याण के लिए है। उन्होंने कहा कि जो होना था वह हो चुका है और अब जो कुछ भी हो रहा है, वह भक्तों के हित और कल्याण के लिए हो रहा है।
बता दें कि श्रीराधा केलिकुंज आश्रम ने भीषण गर्मी को देखते हुए भक्तों से फिलहाल आश्रम न आने की अपील की है। आश्रम की ओर से कहा गया है कि संत प्रेमानंद की पदयात्रा, एकांतिक दर्शन और वार्ता अगले आदेश तक स्थगित रहेंगे।
अपने संदेश के अंत में संत प्रेमानंद ने भक्तों को भजन और नाम जप का संदेश देते हुए कहा,
“नाम जप करो, भजन करो, राधारानी के आश्रित रहो और सुखी रहो।”
हम मिलें न मिलें, गुरुदेव हमेशा साथ रहेंगे, संत प्रेमानंद ने मौन धारण कर शुरू किया एकांतवास
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