मधुबनी I
पोषण अभियान के अंतर्गत दिनांक 24 सितम्बर 2026 को जिला परिषद, मधुबनी के प्रांगण में एक दिवसीय जिला स्तरीय विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पोषण के प्रति जन-जागरूकता को सुदृढ़ करना, पोषण संबंधी गतिविधियों एवं सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्रोत्साहित करना, विभिन्न विभागों के मध्य अंतर्विभागीय समन्वय को सुदृढ़ करना तथा पोषण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले आँगनवाड़ी कर्मियों को प्रोत्साहित एवं सम्मानित करना था ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उप विकास आयुक्त, मधुबनी की गरिमामयी उपस्थिति रही । कार्यक्रम में जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी; निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (DRDA); निदेशक, NEP; जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS), मधुबनी; सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारी; विभिन्न बाल विकास परियोजनाओं से महिला पर्यवेक्षिकाएँ, आँगनवाड़ी सेविकाएँ एवं सहायिकाएँ; पोषण माह से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी तथा मीडिया प्रतिनिधिगण* उपस्थित रहे ।
कार्यक्रम का संचालन अंजनी कुमार झा, जिला मिशन समन्वयक द्वारा किया गया। कार्यक्रम के प्रारंभ में मंचासीन अतिथियों एवं उपस्थित पदाधिकारियों, कर्मियों तथा प्रतिभागियों का औपचारिक स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। इसके पश्चात मंचासीन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया।
उप विकास आयुक्त ने पोषण एवं आँगनवाड़ी केंद्रों की गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उप विकास आयुक्त, मधुबनी ने कहा कि पोषण एक व्यापक एवं बहुआयामी विषय है, जिसका संबंध केवल पर्याप्त एवं संतुलित आहार की उपलब्धता से नहीं, बल्कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, मातृ एवं शिशु देखभाल, उचित खान-पान, व्यवहार परिवर्तन तथा सामुदायिक सहभागिता से भी है।
उन्होंने कहा कि बच्चों, गर्भवती एवं धात्री महिलाओं तथा परिवारों के पोषण स्तर में अपेक्षित सुधार के लिए विभिन्न विभागों के बीच प्रभावी समन्वय के साथ-साथ समुदाय की सक्रिय सहभागिता आवश्यक है। योजनाओं एवं कार्यक्रमों का वास्तविक प्रभाव उनके जमीनी स्तर पर प्रभावी क्रियान्वयन से सुनिश्चित होता है।
उप विकास आयुक्त महोदय ने आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे समुदाय एवं परिवारों के साथ प्रत्यक्ष संपर्क के माध्यम से पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता एवं बाल विकास से संबंधित संदेशों को जन-जन तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। उन्होंने सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कर्मियों को पोषण संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन तथा समुदाय में व्यवहारगत परिवर्तन के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया।
उन्होंने दीपावली पर्व से पूर्व जिले के सभी आँगनवाड़ी केंद्रों का आवश्यकतानुसार रंग-रोगन एवं समुचित साफ-सफाई सुनिश्चित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी केंद्र बच्चों एवं समुदाय के लिए महत्वपूर्ण सेवा केंद्र हैं, इसलिए इनका स्वच्छ, सुव्यवस्थित, आकर्षक एवं बाल-अनुकूल होना आवश्यक है। उन्होंने सभी आँगनवाड़ी सेविकाओं से अपने-अपने केंद्रों की स्वच्छता, साफ-सफाई एवं समुचित रख-रखाव पर विशेष ध्यान देने तथा उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करते हुए केंद्रों को बेहतर स्वरूप प्रदान करने की अपील की।
उप विकास आयुक्त महोदय ने सभी आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं संबंधित पदाधिकारियों से निर्धारित सभी मानकों में शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का भी आह्वान किया। उन्होंने कहा कि आँगनवाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सेवाओं, अभिलेखों, वृद्धि निगरानी, पोषण संबंधी गतिविधियों तथा अन्य निर्धारित मानकों की नियमित समीक्षा एवं अनुश्रवण के माध्यम से शत-प्रतिशत उपलब्धि प्राप्त करने का प्रयास किया जाना चाहिए।
उन्होंने कार्यक्रम में उत्कृष्ट कार्य करने वाली आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को बधाई देते हुए उनके कार्यों की सराहना की तथा अन्य कर्मियों को भी उत्कृष्ट कार्यों से प्रेरणा लेने हेतु प्रोत्साहित किया।
पोषण संबंधी गतिविधियों पर आधारित 08 स्टॉलों का निरीक्षण
कार्यक्रम परिसर में पोषण अभियान के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं, सेवाओं एवं गतिविधियों को प्रदर्शित करने हेतु कुल 08 स्टॉल स्थापित किए गए थे। इन स्टॉलों के माध्यम से मातृ एवं शिशु पोषण, स्वास्थ्य सेवाओं, बाल विकास, टीकाकरण, वृद्धि निगरानी, स्थानीय खाद्य पदार्थों तथा विभिन्न योजनाओं से संबंधित गतिविधियों एवं सामग्रियों का प्रदर्शन किया गया।
*स्टॉलों का विवरण निम्नवत् रहा—*
*01. काउंटर संख्या 01 — गोदभराई*
संबंधित परियोजना: *पंडौल*
*02. काउंटर संख्या 02 — अन्नप्राशन*
संबंधित परियोजना: *रहिका*
*03. काउंटर संख्या 03 — टीकाकरण*
संबंधित परियोजना: *खजौली*
*04. काउंटर संख्या 04 — ग्रोथ मॉनिटरिंग*
संबंधित परियोजना: *कलुआही*
*05. काउंटर संख्या 05 — स्थानीय एवं कच्चे अनाज का प्रदर्शन*
संबंधित परियोजना: *रहिका*
*06. काउंटर संख्या 06 — पका हुआ भोजन / पोषण आहार का प्रदर्शन*
संबंधित परियोजना: *बेनीपट्टी*
*07. काउंटर संख्या 07 — PMMVY एवं MKUY की एंट्री एवं प्रदर्शनी*
संबंधित परियोजना: *पंडौल*
*08. काउंटर संख्या 08 — प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा संबंधी गतिविधियाँ*
संबंधित परियोजना: *राजनगर*
उप विकास आयुक्त, मधुबनी द्वारा कार्यक्रम परिसर में स्थापित सभी 08 स्टॉलों का क्रमशः निरीक्षण किया गया। उन्होंने स्टॉलों पर प्रदर्शित गतिविधियों, पोषण संबंधी सामग्री एवं विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन से संबंधित प्रदर्शनों का अवलोकन किया तथा संबंधित कर्मियों से आवश्यक जानकारी प्राप्त की।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्थानीय एवं पोषणयुक्त खाद्य पदार्थों के उपयोग, मातृ एवं शिशु पोषण, बच्चों की वृद्धि एवं विकास की नियमित निगरानी तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित गतिविधियों को प्रभावी रूप से समुदाय तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया।
पदाधिकारियों एवं कर्मियों की सक्रिय सहभागिता
कार्यक्रम में श्री अंजनी कुमार झा, जिला मिशन समन्वयक; श्री अभिषेक कुमार, प्रखण्ड समन्वयक; तथा अपर्णा प्रीति , जिला परियोजना सहायक* की उपस्थिति रही। इनके अतिरिक्त ICDS एवं पोषण अभियान से संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मियों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में सक्रिय सहभागिता निभाई।
कार्यक्रम के दौरान पोषण संबंधी गतिविधियों को अधिक प्रभावी एवं परिणामोन्मुख बनाने, समुदाय की सहभागिता को बढ़ाने तथा पोषण के संदेश को अधिकाधिक परिवारों तक पहुँचाने पर विशेष बल दिया गया।
उत्कृष्ट कार्य करने वाली सेविकाओं एवं सहायिकाओं का सम्मान
कार्यक्रम के दौरान पोषण एवं आँगनवाड़ी सेवाओं के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाली *आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित* किया गया । रहिका परियोजना से बीबी हुमा खातून सेविका, केंद्र संख्या 69, सविता कुमारी सहायिका, केंद्र संख्या 104, एवं बेनीपट्टी परियोजना से अंजू देवी,सेविका केंद्र संख्या 102 एवं बबली कुमारी,सहायिका केंद्र संख्या 102 तथा अन्य सभी परियोजना से उत्कृष्ट कार्य करने हेतु एक सेविका एवं एक सहायिका को प्रशस्ति पत्र दिया गया। इस अवसर पर सम्मानित कर्मियों द्वारा किए गए उत्कृष्ट कार्य, दायित्वों के प्रति समर्पण तथा पोषण एवं बाल विकास संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन की सराहना की गई। सम्मान समारोह का उद्देश्य उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ अन्य कर्मियों को भी बेहतर कार्य के लिए प्रेरित करना था।
*धन्यवाद ज्ञापन*
कार्यक्रम के अंत में *डॉ. ललिता कुमारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (ICDS), मधुबनी* द्वारा धन्यवाद ज्ञापन किया गया। उन्होंने कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करने वाले *उप विकास आयुक्त, मधुबनी; जिला शिक्षा पदाधिकारी, मधुबनी; निदेशक, DRDA; निदेशक, NEP; सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों; महिला पर्यवेक्षिकाओं; आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं; पोषण माह से जुड़े सभी पदाधिकारियों एवं कर्मियों तथा मीडिया प्रतिनिधियों* के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त किया।
उन्होंने विशेष रूप से *उप विकास आयुक्त, मधुबनी* के प्रति कार्यक्रम में अपनी गरिमामयी उपस्थिति प्रदान करने, परिसर में स्थापित सभी *08 स्टॉलों का निरीक्षण* करने तथा संबंधित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु मार्गदर्शन एवं प्रोत्साहन प्रदान करने के लिए धन्यवाद ज्ञापित किया।
उन्होंने कार्यक्रम के सफल एवं सुव्यवस्थित आयोजन में प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रूप से सहयोग प्रदान करने वाले सभी पदाधिकारियों, बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों, महिला पर्यवेक्षिकाओं, आँगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं तथा संबंधित कर्मियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया।
कार्यक्रम का समापन *पोषण के संदेश को प्रत्येक परिवार एवं समुदाय तक पहुँचाने, पोषण संबंधी व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाने तथा स्वस्थ, सुपोषित एवं सशक्त समाज के निर्माण के सामूहिक संकल्प* के साथ हुआ।

