मधुबनी, 24 अक्टूबर 2026_
महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण, बालिकाओं के अधिकारों के संरक्षण, बाल विवाह उन्मूलन तथा समाज में लैंगिक समानता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से शनिवार को पूर्वाह्न 10:30 बजे डी०आर०डी०ए० सभागार, मधुबनी में महिला एवं बाल विकास निगम के अंतर्गत संचालित ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ योजना के तहत जिला स्तरीय जागरूकता एवं सशक्तीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन *जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन (DHEW), मधुबनी एवं विभा शंकर फाउंडेशन* के संयुक्त प्रयास से किया गया।
यह पहल महिलाओं एवं बालिकाओं के सर्वांगीण विकास, आजीविका के अवसरों के विस्तार तथा सामाजिक सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में जिला प्रशासन और गैर-सरकारी संस्थाओं के समन्वित प्रयास का एक सराहनीय उदाहरण है। कार्यक्रम के माध्यम से समाज के वंचित एवं जरूरतमंद वर्गों तक सहायता पहुँचाने तथा उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रोत्साहित करने का संदेश दिया गया।
*दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ*
कार्यक्रम का उद्घाटन अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर किया गया। उपस्थित अतिथियों का स्वागत मिथिला पेंटिंग से सुसज्जित पाग एवं दुपट्टा तथा गमले सहित पौधा भेंट कर किया गया। इस अवसर पर मिथिला की सांस्कृतिक परंपरा के साथ पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मि कुमारी, सहायक निदेशक, बाल सुरक्षा कोषांग श्री नितेश पाठक, सहायक आपदा प्रबंधन पदाधिकारी श्री रजनीश कुमार, जिला मिशन समन्वयक श्री अंजनी कुमार झा, विभा शंकर फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. ऋचा झा, श्री सूर्यकांत झा, जिला प्रबंधक श्री मयंक अभिषेक, लैंगिक विशेषज्ञ श्री शिवराम मेहरा सहित जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, मधुबनी एवं महिला एवं बाल विकास निगम के कर्मी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न गाँवों से आए लाभार्थियों तथा विद्यालयों के बालक-बालिकाओं ने भी भाग लिया।
*सिलाई मशीन वितरण से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल*
कार्यक्रम का एक प्रमुख आकर्षण जरूरतमंद महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की पहल रही। *विभा शंकर फाउंडेशन के माध्यम से चिह्नित लाभार्थियों को सिलाई मशीन प्रदान की गई,* ताकि वे सिलाई कार्य के जरिए अपनी आजीविका अर्जित कर सकें, परिवार की आय में योगदान दे सकें और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकें।
इस पहल का उद्देश्य महिलाओं को केवल सहायता उपलब्ध कराना ही नहीं, बल्कि उन्हें स्थायी आजीविका के अवसरों से जोड़कर आत्मविश्वास, सम्मान एवं स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाना है। सिलाई मशीन जैसी उपयोगी परिसंपत्ति महिलाओं के कौशल विकास और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन का माध्यम बन सकती है।
इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम में *21 बालिकाओं को नए कपड़े तथा 21 बालकों को टी-शर्ट* प्रदान किए गए। इस पहल के माध्यम से बच्चों के प्रति संवेदनशीलता, सामाजिक सहभागिता और जरूरतमंद परिवारों के सहयोग का संदेश दिया गया।
*साइबर सुरक्षा एवं महिला सुरक्षा पर विशेष जागरूकता*
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अपर पुलिस अधीक्षक श्रीमती रश्मि कुमारी ने उपस्थित प्रतिभागियों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, पुलिस हेल्पलाइन नंबरों तथा पुलिस प्रशासन द्वारा महिलाओं एवं किशोरियों की सुरक्षा के लिए उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी। उन्होंने डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने तथा किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधि या धोखाधड़ी के प्रति सतर्क रहने के महत्व पर प्रकाश डाला।
उनके संबोधन से महिलाओं एवं किशोरियों को अपनी सुरक्षा के प्रति जागरूक होने, उपलब्ध सहायता सेवाओं की जानकारी रखने तथा आवश्यकता पड़ने पर संबंधित प्राधिकारियों से संपर्क करने का संदेश मिला।
*महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए हरसंभव सहयोग को तैयार विभा शंकर फाउंडेशन*
विभा शंकर फाउंडेशन की संस्थापक डॉ. ऋचा झा ने अपने संबोधन में कहा कि फाउंडेशन महिलाओं के सशक्तीकरण और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान के लिए आवश्यक प्रयास करने हेतु प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि फाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार तथा गरीबी उन्मूलन के क्षेत्रों में कार्य कर रहा है और आगामी वर्षों में जिला प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर इन क्षेत्रों में विभिन्न योजनाओं एवं पहलों को आगे बढ़ाने के लिए तैयार है।
उन्होंने इस बात पर बल दिया कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने, बच्चों को शिक्षा एवं विकास के बेहतर अवसर उपलब्ध कराने तथा समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचाने के लिए प्रशासन, सामाजिक संस्थाओं और समुदाय की सहभागिता आवश्यक है।
*समन्वित प्रयासों से सशक्त समाज की ओर*
कार्यक्रम का मंच संचालन जिला मिशन समन्वयक श्री अंजनी कुमार झा ने किया। कार्यक्रम के दौरान महिला सशक्तीकरण, बाल विवाह उन्मूलन, बालिकाओं की शिक्षा एवं सुरक्षा और लैंगिक समानता के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने में विभिन्न विभागों एवं संस्थाओं के बीच समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया गया।
*जिला हब फॉर एम्पावरमेंट ऑफ वुमेन, मधुबनी एवं विभा शंकर फाउंडेशन की यह संयुक्त पहल इस दिशा में एक सकारात्मक और सराहनीय कदम है,* जिसमें सरकारी तंत्र की पहुँच एवं समन्वय के साथ गैर-सरकारी संस्था की सामाजिक सहभागिता को जोड़ा गया। ऐसी पहलें जरूरतमंद महिलाओं को आजीविका के अवसरों से जोड़ने, बच्चों के प्रति संवेदनशीलता बढ़ाने और समाज में समानता एवं आत्मनिर्भरता की भावना को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि महिलाओं और बालिकाओं का सशक्तीकरण केवल किसी एक विभाग या संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि प्रशासन, सामाजिक संगठनों और समाज के प्रत्येक वर्ग की साझा जिम्मेदारी है। सामूहिक प्रयासों के माध्यम से ही बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों की रोकथाम, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता तथा बालिकाओं के सुरक्षित, शिक्षित और सम्मानजनक भविष्य के लक्ष्य को साकार किया जा सकता है।
सिलाई मशीन, वस्त्र वितरण एवं साइबर सुरक्षा जागरूकता के माध्यम से महिलाओं और बच्चों के सशक्त भविष्य की दिशा में सार्थक कदम
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