पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार शाम एक अहम मंत्री-स्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में क्षेत्र में तेजी से बदलती परिस्थितियों को देखते हुए पेट्रोलियम, बिजली और उर्वरक क्षेत्रों की व्यापक समीक्षा की जाएगी।
बैठक का मुख्य उद्देश्य देशभर में ऊर्जा की निर्बाध आपूर्ति, स्थिर लॉजिस्टिक्स और कुशल वितरण व्यवस्था सुनिश्चित करना है। सरकार इस दिशा में सक्रिय रूप से कदम उठा रही है, ताकि आम उपभोक्ताओं और उद्योगों पर किसी भी तरह का नकारात्मक असर न पड़े। साथ ही वैश्विक घटनाक्रमों पर लगातार नजर रखी जा रही है, ताकि समय रहते उचित निर्णय लिए जा सकें।
इससे पहले, 12 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि पश्चिम एशिया में चल रहा युद्ध वैश्विक स्तर पर ऊर्जा संकट को जन्म दे रहा है। उन्होंने इसे देश के लिए एक कठिन परीक्षा बताते हुए कहा कि इस चुनौती से निपटने के लिए शांति, धैर्य और जन-जागरूकता बेहद जरूरी है।
प्रधानमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अंतरराष्ट्रीय आपूर्ति श्रृंखलाओं में आई बाधाओं को दूर करने के लिए लगातार प्रयासरत है। उन्होंने कहा कि इन बाधाओं का समाधान खोजने और देश की जरूरतों को पूरा करने के लिए हर संभव कदम उठाए जा रहे हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर पीएम मोदी की बड़ी बैठक, ऊर्जा आपूर्ति और लॉजिस्टिक्स पर फोकस
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