नई दिल्ली। दक्षिणी दिल्ली के हौजरानी स्थित एक अवैध होटल में हुए भीषण अग्निकांड में 21 लोगों की मौत के बाद दिल्ली सरकार और प्रशासन हरकत में आ गया है। हादसे के बाद राजधानी में संचालित वैध और अवैध होटलों, गेस्ट हाउसों तथा बेड एंड ब्रेकफास्ट इकाइयों की व्यापक जांच शुरू कर दी गई है।
बता दें कि दिल्ली में ऐसे प्रतिष्ठानों की संख्या 10 हजार से अधिक होने का अनुमान है। इसके अलावा उन रेस्तरां की भी जांच की जा रही है, जिन्हें केवल चाय-नाश्ते की अनुमति प्राप्त है, लेकिन वे नियमों का उल्लंघन करते हुए पूर्ण भोजन तैयार करने और बड़ी संख्या में ग्राहकों को बैठाने की सुविधा उपलब्ध करा रहे हैं।
इस भयानक हादसे के बाद उपराज्यपाल टीएस संधू ने बुधवार को एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक में राजधानी भर में एक माह तक विशेष जांच अभियान चलाने का निर्णय लिया गया।
इस अभियान के तहत दिल्ली पुलिस, अग्निशमन सेवा और एमसीडी की संयुक्त टीमें गठित की गई हैं। ये टीमें राजधानी के प्रमुख ठहराव केंद्रों और व्यावसायिक इलाकों में स्थित होटलों, गेस्ट हाउसों और बीएनबी इकाइयों का स्थलीय निरीक्षण कर रही हैं।
जांच अभियान के दायरे में पहाड़गंज, करोल बाग, राजेंद्र नगर, अंसारी नगर, महिपालपुर, जसोला विहार, छतरपुर, लक्ष्मी नगर और मालवीय नगर सहित कई प्रमुख क्षेत्र शामिल हैं।
प्रशासन का कहना है कि अग्नि सुरक्षा मानकों, भवन निर्माण नियमों और लाइसेंस संबंधी प्रावधानों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

