बार-बार चक्कर आना या अचानक बेहोश हो जाना अब सिर्फ दवाओं तक सीमित इलाज का विषय नहीं रह गया है। एक नए शोध में योग को इस समस्या के प्रभावी समाधान के रूप में देखा गया है।
बता दें कि एम्स के शोधकर्ताओं द्वारा किए गए अध्ययन में पाया गया है कि नियमित योगाभ्यास से वेसोवैगल सिंकोप यानी बार-बार बेहोश होने और चक्कर आने की समस्या में उल्लेखनीय कमी आती है।
‘लिव-योगा’ नामक इस शोध के नतीजे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय जर्नल जेएसीसी: क्लीनिकल इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी में प्रकाशित हुए हैं।
बता दें कि योग न केवल वेसोवैगल सिंकोप के मरीजों के लिए फायदेमंद है, बल्कि अल्जाइमर रोगियों में भी याददाश्त, मानसिक क्षमता और मनोदशा को बेहतर बनाने में मददगार साबित हो सकता है।
एम्स के विभिन्न अध्ययनों के निष्कर्ष बताते हैं कि योग तंत्रिका संबंधी कई समस्याओं के प्रबंधन और उपचार में एक महत्वपूर्ण सहायक चिकित्सा के रूप में उभर रहा है।
यानी, नियमित योगाभ्यास न केवल शरीर को स्वस्थ रखता है, बल्कि मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र को भी मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभा सकता है।

